Indian Home Decor: भारतीय घर की सजावट केवल फर्नीचर और सामान व्यवस्थित करने को नहीं कहा जाता है और विशेष तौर पर यह एक कला होती है जो सदियों पुरानी संस्कृति और विविधता और आध्यात्मिकता का प्रतीत होती है। आज के इस मॉडर्न जमाने में बहुत सारे लोग अपने घर को सजाना पसंद कर रहे हैं और खास तौर पर भारतीय संस्कृति के हिसाब से और मार्केट में बहुत सारे डेकोरेशन के आइटम अवेलेबल हैं, जिनके माध्यम से आप अपने घर को डेकोरेट कर सकते हैं।
भारतीय वास्तु कला और इंटीरियर डिजाइन बहुत समय से चली आ रही है और लगभग सिंधु घाटी सभ्यता तक यह चलती थी। प्राचीन भारतीय ग्रंथों में वास्तु शास्त्र और शिल्प शास्त्र में घरों के निर्माण का बहुत बड़ा हाथ रहता था और पुराने जमाने में लोग अपने घर को सजाना बहुत ज्यादा पसंद करते थे और मॉडर्न जमाने के लोग अपने घरों को बेहतरीन तरीके से भारतीय संस्कार के हिसाब से सजाते हैं। Indian Home Decor के बारे में और भी जानकारी प्राप्त करते हैं।
Indian Home Decor में भारतीय डेकोर का मूलभूत तत्व क्या है?
- वास्तु शास्त्र प्राचीन भारतीय विज्ञान है जो अंतरिक्ष और दिशाओं और प्रकृति के साथ स्थापित हुआ है और घरों को बुनियादी सिद्धांतों के आधार पर सजाया जाता है और इसीलिए सकारात्मक वातावरण पैदा होता है।
- मुख्य द्वार विशेष तौर पर उत्तर या पूर्व की तरफ है या फिर उत्तर पूर्व दिशा में होना चाहिए।
- रसोईघर दक्षिण पूर्व कोने में बना होना चाहिए।
- सोने के कमरे में बिस्तर का सिरहना दक्षिण दिशा की ओर रखना चाहिए।
- घर के बीच का स्थान खुला और बिना वजन के होना चाहिए।
- भारतीय डेकोरेशन में रंगों का बहुत ज्यादा महत्व हो चुका है और अलग-अलग रंगों का अलग-अलग महत्व होता है।
- लाल और केसरिया रंग ऊर्जा का प्रतीक होता है और उत्साह का प्रतीक होता है और शुभ माना जाता है और पूजा कच्छ या लिविंग एरिया में इस्तेमाल किया जा सकता है।
- नीला और फिरोज कलर शांति का प्रतीक होता है और शीतलता के रंग होते हैं और बेडरूम और ध्यान कक्ष के लिए बहुत उत्तम माना जाता है।
- हरा कलर प्रकृति और ताजगी का रंग होता है।
- सुनहरा और गहरा नीला कलर राजसी और ऐतिहासिक भव्यता का प्रतीक होता है।
- मिट्टी के रंग मतलब तेरा कोटा प्रकृति का और आरामदायक महसूस करने में मदद करते हैं।
- शिल्प और हैंडीक्राफ्ट स्थानीय कला का सम्मान क्या है।
- भारत के विभिन्न राज्य और अनूठी शिल्प कला बहुत ज्यादा प्रसिद्ध है और घर के सजावट के लिए सबसे बेहतरीन होती है।
- मधुबनी पेंटिंग बिहार में जीवंत रंगों और प्रकृति से प्रेरित डिजाइन है।
- ब्लैक प्रिंटेड टेक्सटाइल्स राजस्थान और गुजरात में बेड कवर और पर्दों के लिए सबसे ज्यादा उपयोग किया जाता है।
- कर्नाटक में काले धातु पर चांदी की नक्कासी वाले डेकोरेटिव आइटम बहुत ज्यादा पसंद है।
- फर्नीचर पारंपरिक डिजाइन और आधुनिक आराम।
- चारपाई लकड़ी और वास से बनी है ,पारंपरिक स्टाइल होती है जो बहुत ज्यादा पसंद किया जाता है।
- जालीदार लकड़ी का काम स्क्रीन और दरवाजे और अलमारी में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है।
- शीशम और आम का इस्तेमाल भारतीय फर्नीचर में सबसे ज्यादा किया जाता है।
Indian Home Decor में कमरे के हिसाब भारतीय डेकोरेशन?
- लिविंग रूम अतिथियों के लिए बहुत ही आकर्षण का केंद्र होता है और इसी पर ज्यादातर लोग डेकोरेशन पर ध्यान देते हैं।
- दीवार डेकोरेशन सबसे बेहतरीन माना जाता है और धातु की दीवार पर कलाकृति दिखा सकते हैं।
- फर्नीचर एक बड़ा सोफा इस्तेमाल करने की जगह पर मल्टी फंक्शनल फर्नीचर इस्तेमाल करना चाहिए लकड़ी का कॉफी टेबल बहुत ही प्यारा लगता है।
- रंगीन कुशन बहुत ही अच्छे होते हैं और हमें अच्छी क्वालिटी के इस्तेमाल करने चाहिए।
- लाइटिंग में हैंगिंग लैंप सबसे बेहतरीन माने जाते हैं।
- बेडरूम में लकड़ी का बिस्तर या निम्न प्लेटफार्म बेड बहुत ही अच्छे होते हैं।
- बेड लिनन के कपड़े के बेडशीट बहुत ही अच्छे होते हैं।
- स्टोरेज में नाकासी दार लकड़ी की अलमारी बहुत ही अच्छी होती है और ताड़ के पत्तों की टोकरी इस्तेमाल करना चाहिए।
- पूजा रूम में लड़कियां संगमरमर का छोटा मंदिर बहुत ही उपयुक्त माना जाता है।
- सामग्री में पीतल या तांबे के बर्तन इस्तेमाल कर सकते हैं और घंटी और धूप दान होने चाहिए।
- वातावरण को शांत के रूप में प्राकृतिक प्रकार और फूलों और दीयों से सजावट होना चाहिए।
- मसाले रखने के लिए पारंपरिक मिट्टी के बर्तन इस्तेमाल करना बहुत ही अच्छे और पारंपरिक होते हैं।
- कपड़े के पर्दे रंगीन टाइल्स और हाथ से बनी हुई चीनी मिट्टी के साथ बहुत ही प्यारे लगते हैं।
- लकड़ी की गोल्ड टेबल और कुर्सियों की जगह पर फ्लोर कुशन इस्तेमाल करना चाहिए।








